वकील अनिल मिश्रा ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देकर दाखिल की है याचिका
डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र को जलाने और अपमानजनक नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए वकील अनिल मिश्रा की याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में सोमवार को दिन भर सुनवाई चली। न्यायमूर्ति जी.एस. आहलूवलिया और न्यायमूर्ति आशीष श्रोती की डिवीजन बेंच ने सुनवाई पूरी होने के बाद मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
क्या है पूरा मामला?
1 जनवरी को डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र को जलाने और अपमानजनक नारे लगाने के आरोप में साइबर सेल ने वकील अनिल मिश्रा को गिरफ्तार किया था।
इस गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए अनिल मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें गिरफ्तारी को अवैध बताया गया है।
इन्होने रखीं दलीलें
रविवार को हुई सुनवाई के दौरान अनिल मिश्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरके शर्मा, अधिवक्ता प्रशांत शर्मा, अधिवक्ता राजीव शर्मा और राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, अतिरिक्त महाधिवक्ता बी.डी. सिंह, विवेक खेड़कर, दीपेंद्र सिंह कुशवाहा और शिकायतकर्ता मकरंद बौद्ध की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह, अधिवक्ता अशोक अहिरवार और विजय सुंदरम ने अपनी दलीलें रखीं।
ORDER- WP-2-2026
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